“लहरों के संग, सुखद सफर का आनंद”
“आस्था, आनंद और अद्भुत अनुभव का संगम”
जहां आशीर्वाद से मिलती है सच्ची शांति और आंतरिक उन्नति
यादों की महफ़िल, मुस्कानों के संग
दो दिन का यह खेला है, आना है जाना है जीवन चलते जाना है
कौन कहता है भगवान आते नहीं तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं
घाटों के किनारे एक अनोखी सुबह
बनारस में आपका स्वागत है।
Talking to the moon.
Sab kuch kehkar sabko batana zaroori hai kya.